Saturday, February 15, 2014

मैत्री

मैत्री म्हणजे कधीही न कोमेजणारे फुल
खोटेपणाच्या प्रेमापेक्षा खरीखुरी झूल
मैत्री म्हणजे दोन जीव एक मन
निरपेक्षपणे सोबत अनुभवलेले असंख्य क्षण
मैत्रीमध्ये सगळ कसं ऑल इज वेल
मैत्रीपुढे प्रेमबीम सपशेल फेल

                                  - विवेक शेळके

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